एक किसी जंगल मे बहुत ताकतवर साप रहता था. सभी उससे ठरते थे. किसी की हिम्मत नहीं होती थी सांप को छेडने की. कुछ समय के बाद साँप ने सोचा चलो जाने दो शांत रहो. सांप के इस प्रकार के बर्ताव के कारन सभी समझ लगे अब साँप की ताकत खत्म हो गईं है. अब तो सभी ने ठरना बंद कर दिया. सांप के ऊपर से भी जाने लगे. सांप कमजोर हो गया. तब वह अपने गुरु के पास गया और आपबीती सुनाई. गुरु ने समझाया. तुमने एक बहुत बड़ी गलती की
यह जरुरी नहीं है की किसी को कांटा जाये लेकिन तुम ने अपने फन से यह भय तो दिखना था की मै किसी भी समय कांट सकता हूँ.
ऐसी ही एक ताकत आपका एक वोट है.
वोट अवश्य करें
जय श्री राम, जय सनातन