समय ने ही साथ दिया
सच लिख रहा हुँ
सामने भी टाइम वाच थी
और हाथ की कलाई पऱ भी घड़ी थी
लेकिन वह समय चल तो रहा था
लेकिन मेरे लिये थम गया था
मैंने सोचा बज रहे है चार शाम के
पऱ बज गये थे शाम पांच
जाना था नाशिक रोड ट्रैन के लिये
बस और रिक्शा को लिया थाम
राम का लिया नाम
ट्रैन हो गईं लेट
क्यों की समय ने ट्रैन को कर दिया जाम
Truly faced by Dashrath Chaudhari
9405840139
Date - 06 / 12/ 2025
Day - Saturday
Time - 19:52 Evening
Place - Nashik Railway Station